शिमला-20 अक्टूबर. राजधानी शिमला में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस शिमला के दौरान जाखू, समरहिल, संकटमोचन और रामनगर सहित अन्य स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। जाखू मंदिर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रिमोट का बटन दबाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया। रामनगर में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुतलों का दहन किया। दशहरे पर समरहिल में रावण के सबसे ऊंचे पुतले का दहन हुआ। यहां मुख्य सचिव केके पंत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समरहिल में रावण का पुतला 50 फुट, कुंभकर्ण का 45 फुट और मेघनाद का 40 फुट ऊंचा रहा। जाखू में रावण के 45 फुट ऊंचे पुतले का दहन किया गया। यहां मेघनाद का पुतला 40 फुट और कुंभकर्ण का 35 फुट ऊंचा था। संकटमोचन मंदिर में रावण का 35 फुट और कुंभकर्ण व मेघनाद के 30-30 फुट ऊंचे पुतले जलाए गए। रामनगर में रावण के 35 फुट ऊंचे पुतले का दहन हुआ। इसके साथ ही आतिशबाजी के शो भी आयोजित किए गए। इससे पहले दशहरा पर्व पर शहर में झांकियां भी निकाली गईं। नाभा युवा मंडल के सदस्यों ने झांकियां निकालीं और जाखू मंदिर में प्रस्तुतियां दीं। यह झांकियां शाम 4:30 बजे मंदिर पहुंचीं। झांकियों की शुरुआत नाभा से हुई। इसके बाद यह लोअर बाजार, एजी चौक, चर्च और होली लॉज से होते हुए मंदिर परिसर में पहुंचीं। इन झांकियों के माध्यम से कलाकार मंदिर में नाट्य रूपांतरण भी प्रस्तुत किया। इसके अलावा स्थानीय कलाकार वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुतियां दीं।
