शिमला-30सितंबर. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में संगठन की नियुक्तियों को लेकर छिड़ा अंदरूनी घमासान और तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की टिप्पणी पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी हित में सवाल उठाना अनुशासनहीनता के दायरे में नहीं आता। उन्होंने कहा कि अगर संगठन को मजबूत बनाना है, तो लंबे समय से निष्ठा से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को आगे लाना होगा, न कि पार्टी को भीतर से नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को। जगत सिंह नेगी ने कहा कि उन्होंने मीडिया के सामने कोई नई बात नहीं कही है। वे इन तमाम मुद्दों और शिकायतों को पार्टी के भीतर तथा प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल के समक्ष पहले ही उठा चुके हैं। मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर पार्टी के अंदर उठाई गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी तो सवाल उठना तय है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अनुशासन के नियम केवल उन पर ही लागू होते हैं?
नेगी ने संगठन को कमजोर करने वाले तत्वों पर बोलते हुए कहा कि पार्टी में ‘स्लीपर सेल’, ‘भगोड़ों’ और ‘जयचंदों’ को जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इससे वर्षों से कांग्रेस के लिए पसीना बहा रहे समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि खुद राहुल गांधी भी पार्टी से ‘स्लीपर सेल’ को बाहर का रास्ता दिखाने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने की बात कहते रहे हैं।
किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के उस बयान पर भी नेगी ने पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि इस तरह की बयानबाजी से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। नेगी ने कहा कि कार्यकर्ताओं का मनोबल सार्वजनिक बयानों से नहीं, बल्कि तब टूटता है जब पार्टी के वफादारों की अनदेखी कर गद्दारी करने वालों और स्लीपर सेल से जुड़े लोगों को पदों से नवाजा जाता है।
बता दें कि है इस पूरे विवाद की मुख्य वजह किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर निगम भंडारी की नियुक्ति है। जगत सिंह नेगी किन्नौर से पांच बार के विधायक हैं और उसी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले निगम भंडारी को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से ही नेगी संगठन और हाईकमान के फैसलों पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। इसके बाद से प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और बयानों का दौर लगातार जारी है।
