शिमला,28 अक्टूबर. IAS अधिकारी राकेश कुमार प्रजापति का पहला उपन्यास, ‘लाइटर दैन यस्टरडे’ (Lighter Than Yesterday), जिसे रूपा पब्लिकेशन्स इंडिया ने प्रकाशित किया है, शुक्रवार को जारी किया गया। लेखक ने मैक्लोडगंज में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को इस किताब की पहली प्रति भेंट की। दलाई लामा ने इस उपन्यास की प्रस्तावना भी लिखी है। यह किताब एक दादा और उनके पोते के रिश्ते के ज़रिए पारिवारिक बंधनों, महत्वाकांक्षाओं और एक संतोषजनक जीवन की तलाश को दर्शाती है। इसमें बताया गया है कि कैसे अलग-अलग पीढ़ियों के बीच के रिश्ते इंसान को गढ़ते हैं, और उसे भावनात्मक सहारा, समझदारी और अपनापन देते हैं।
यह किताब एक दादा और उनके पोते के रिश्ते के ज़रिए पारिवारिक बंधनों, महत्वाकांक्षाओं और एक संतोषजनक जीवन की तलाश को दर्शाती है। इसमें बताया गया है कि कैसे अलग-अलग पीढ़ियों के बीच के रिश्ते इंसान को गढ़ते हैं, और उसे भावनात्मक सहारा, समझदारी और अपनापन देते हैं।
यह कहानी सफलता पाने के दबाव और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लोगों द्वारा दिए जाने वाले बलिदानों पर भी रोशनी डालती है। एक पोते के सफर के ज़रिए, प्रजापति यह सवाल उठाते हैं कि क्या सिर्फ पेशेवर उपलब्धियां ही खुशी ला सकती हैं और कैसे लोग सफलता के पारंपरिक पैमानों से परे जाकर जीवन का असली अर्थ खोज सकते हैं।
यह उपन्यास उन युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को छूता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में और बेहतरीन करियर पाने की कोशिश में कई साल बिता देते हैं। इसमें खास तौर पर सिविल सेवाओं का ज़िक्र है, जहां IAS या IPS कैडर में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। साथ ही, यह भी पड़ताल की गई है कि क्यों कुछ अधिकारी आगे चलकर अपने इतने प्रतिष्ठित पदों को छोड़ने का फैसला कर लेते हैं।
यह कहानी पाठकों को अपने जीवन की संतुष्टि, रिश्तों और उन फैसलों पर फिर से विचार करने के साहस के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करती है, जिन्हें लेने के लिए उन्होंने सालों तक कड़ी मेहनत की थी।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी, राकेश प्रजापति ने कई ज़िलों और राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर काम किया है। वर्तमान में, वे केंद्र सरकार के ‘उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग’ (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
लेखक ने अपने दादा के साथ बिताए शुरुआती अनुभवों को इस उपन्यास में शामिल किया है, जिससे कहानी के मुख्य रिश्ते में एक व्यक्तिगत गहराई आ गई है। रूपा पब्लिकेशन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित यह उपन्यास अमेज़न (Amazon) पर उपलब्ध है।
