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रिकांगपिओ- 25 जुलाई. देवभूमि किन्नौर स्थित पंच कैलाशों में से एक पवित्र किन्नौर कैलाश यात्रा-2026 का शुभारंभ 30 जुलाई से होगा। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित बैठक में यात्रा को 30 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि यात्रा की अवधि पूरी तरह मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

शनिवार को एसडीएम कल्पा एवं किन्नौर कैलाश यात्रा आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में वन, पुलिस, स्वास्थ्य, होमगार्ड, जल शक्ति, राजस्व तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में बताया गया कि यात्रा के लिए प्रारंभिक रैकी के दौरान कुछ स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा सामने आने पर 28 जून को यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था। इसके बाद 10 जुलाई को दोबारा रैकी टीम भेजी गई, जिसने 16 जुलाई को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य पूरे किए जा रहे हैं, जिसके बाद यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया गया।

प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण 28 जुलाई से शुरू होगा, जबकि ऑफलाइन पंजीकरण 30 जुलाई से किया जाएगा। इस वर्ष प्रतिदिन 375 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इनमें 175 ऑनलाइन, 125 ऑफलाइन तथा 75 स्लॉट एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन, किन्नौर के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा केवल तंगलिंग–मेलिंग खाता–गुफा मार्ग से ही संचालित होगी।

बैठक में यात्रा मार्ग पर कानून-व्यवस्था, यातायात, चिकित्सा, पेयजल, पंजीकरण, आपदा प्रबंधन तथा सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य, वन, जल शक्ति और राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती को भी अंतिम रूप दिया गया। विभिन्न पड़ावों पर चिकित्सक, फार्मासिस्ट, पुलिस बल, होमगार्ड, वन कर्मी और अन्य आवश्यक स्टाफ तैनात रहेगा।

आयोजन समिति ने टेंट संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए दो दिन के भीतर शपथ-पत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा से पहले ‘क्या करें और क्या न करें’ (Do’s & Don’ts) की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, मौसम संबंधी सलाह का पालन करें तथा केवल अधिकृत पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर निकलें। आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हर संभव सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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