शिमला-28 जुलाई. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों कम्प्यूटर शिक्षकों को नियमित करने से जुड़े मामले में दायर अवमानना याचिका पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त तय की है। इस दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि इस मामले में एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ के समक्ष अपील के जरिए चुनौती दी गई है।
न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत में मनोज कुमार शर्मा और अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील लंबित है। इसके बाद अदालत ने अवमानना याचिका की अगली सुनवाई 13 अगस्त के लिए निर्धारित कर दी।
इस मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ पहले शिक्षा विभाग को निर्देश दे चुकी है कि वह 12 सप्ताह के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करे। साथ ही याचिका दायर किए जाने की तारीख से कम्प्यूटर शिक्षकों की सेवाओं को कम से कम प्राथमिक शिक्षा अध्यापकों, ग्रामीण विद्या उपासकों और अभिभावक संघ के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों की श्रेणी के अनुरूप नियमित करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करे।
राज्य सरकार ने इस आदेश को स्वीकार नहीं किया और इसे खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी है। हालांकि, एकल पीठ के आदेश पर अभी तक कोई स्थगन आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में कानून के अनुसार राज्य सरकार पर एकल पीठ के आदेश का पालन करने की जिम्मेदारी बनी हुई है।
सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि इसी तरह के एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा रखी है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि वह मामला अलग प्रकृति का है और उसकी रोक का वर्तमान मामले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब मामले पर अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय कर दी।
