शिमला-13अगस्त. शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में एक 12 वर्षीय बच्ची हिमांशी की गर्दन की सर्जरी के बाद मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया। हमीरपुर जिले के पजोत गांव की रहने वाली हिमांशी चार महीने पहले आग से झुलस गई थी, जिसके चलते उसकी गर्दन जुड़ गई थी।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस जटिल सर्जरी के लिए 6 डॉक्टरों की टीम जुटी थी, लेकिन ऑप्रेशन के बाद बच्ची की स्थिति बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और गुरुवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। बच्ची के पिता भारतीय सेना में सीमा पर तैनात हैं, जिसके कारण अस्पताल में उसकी बेबस मां और नाबालिग भाई को इस मुश्किल घड़ी में अकेले ही जूझना पड़ा।
बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के कारण पोस्टमार्टम प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। मां का आरोप है कि मौत की सूचना पुलिस को देर से दी गई और पोस्टमार्टम के लिए समय पर पहुंचे परिजनों को फोरेंसिक विभाग में ताला लगा मिला। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमीरपुर पुलिस के जांच अधिकारी (IO) के देरी से पहुंचने के कारण गुरुवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। फिलहाल मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
