शिमला-22सितंबर. हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्य्मंत्री सुखविंदर सिंह सुखू पर पेंशनर्स के साथ बार-बार झूठ बोलने का आरोप लगाया है प्रेस को जारी संयुक्त विज्ञप्ति में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर, महासचिव इन्दर पाल शर्मा व अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने शिमला से जारी संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने पिछले कल सचिवालय में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के साथ बैठक करके पेंशनर्स को तोड़ने का जो प्रयास किया, जिससे पेंशनर्स कभी स्वीकार नहीं करेंगे और इस का जवाब 2027 के चुनाव में मिलेगा! पेंशनर्स नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार बार-बार झूठी घोषणाये करके पेंशनर्स को गुमराह कर रही है।
1जनवरी 2016 व 31जनवरी 2022 के मध्य रिटायर्ड हुए 43:हजार पेंशनर्स को संशोधित वित्तीय लाभ से वंचित रखा गया है!जिसमें प्रमुख रूप से लीव इन कैशमेंट, ग्रेजुइटी, कॉम्युटेशन, पे अर्रेंर्स, पेंशन अर्रेंर्स से मेहरूम रखा गया है।
लगभग 5 लाख सभी पेंशनर्स व कर्मचारी 15 प्रतिशत डीए की आस लम्बे समय से लगाये बैठे हैँ! जिसके लिए पेंशनर्स को बार-बार धरना प्रदर्शन व रैली करनी पड़ रही है। पेंशनर्स नेताओं ने कहा कि जो वीआएस लेकर आया हों, मुट्ठी भर तथाकथित स्वयंभू नेताओं को ढाल बनाकर मुख्यमंत्री झूठी घोषणाये करके पेंशनर्स का मज़ाक उड़ा रहें हैँ! उन्होंने आगे कहा कि जिस 15 प्रतिशत व 30 प्रतिशत पेंशन एरियर की अधिसूचना निकाली जा रही उससे पेंशनर्स को भ्रमित किया जा रहा है जिससे पेंशनर्स कभी सहन नहीं करेंगे।
पेंशनर्स नेताओं ने आगे कहा की सरकार पेंशनर्स के धैर्य की परीक्षा न ले, आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ ब्लॉक स्तर पर, ज़िला स्तर पर जनजागरण अभियान शुरू करके असलियत सभी लोगों के सामने लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा की पेंशनर्स एकजुट हैँ और आगे भी रहेंगे। सरकार जिस तरह से हारे हुए, 6 साल के लिए निष्कासित पेंशनर्स द्वारा नकारे हुए स्वयंभू व पिट्टू नेताओं को तरजीह दे रही है भविष्य में इसके घातक परिणाम सिद्ध होंगे। पेंशनर्स नेताओं ने कहा की “फूट डालो व शासन करो ‘ की नीति कामयाब नहीं होने वाली है। उन्होंने आगे कहा की सभी पेंशनर्स संगठित है तब तक पीछे हटने वाले नहीं जब तक पेंशनर्स की सभी देनदारियां मिल नहीं जाती। पेंशनर्स का सरकार के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा।
