शिमला- 24 सितंबर. हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कर्मचारियों के लंबित वेतन, एरियर, मेडिकल एवं टीए बिलों तथा निगम की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सरकार और निगम प्रबंधन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध HPTDC Employees Union ने शिमला में प्रेस वार्ता कर कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा ने कहा कि अगस्त 2026 का वेतन 24 दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को जारी नहीं हुआ था। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में हर माह 1 से 7 तारीख के बीच वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्थायी Salary Payment Mechanism/Policy बनाई जाए।
यूनियन ने कहा कि कुल्लू की चार इकाइयों में एक साथ चल रहे Renovation कार्यों के कारण निगम की आय प्रभावित हुई है। ऐसे में आय के स्रोतों को मजबूत करने और लाभदायक इकाइयों का बेहतर संचालन करने की आवश्यकता है।
मदन राणा ने कहा कि Hotel Wildflower Hall से लगभग 401 करोड़ रुपये की राशि का उल्लेख करते हुए यूनियन ने सवाल उठाया कि यदि निगम को इससे नियमित आय प्राप्त होती, तो मौजूदा वित्तीय स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। यूनियन ने निगम की आय और संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया।
यूनियन के अनुसार निगम में करीब 1,000 नियमित, 70 दैनिक वेतनभोगी और लगभग 500 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। कर्मचारियों के विभिन्न DA/IR एवं अन्य एरियर, वर्ष 2016 के Interim Pay के एरियर तथा पिछले करीब एक वर्ष से लंबित मेडिकल और टीए बिलों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई।
भारतीय मजदूर संघ ने HPTDC की आठ इकाइयों को O&M पर देने के दूसरे प्रयास पर भी सवाल उठाए। यूनियन का कहना है कि ऐसे किसी भी निर्णय से पहले कर्मचारियों के हितों, निगम की आय और इसके दीर्घकालिक प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए।
यूनियन ने प्रदेश सरकार से HPTDC को वित्तीय संकट से उबारने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की विशेष Grant-in-Aid उपलब्ध करवाने की मांग दोहराई। संगठन के अनुसार इस राशि से कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, सप्लायर्स/ठेकेदारों और अन्य लंबित देनदारियों का प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जाना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन को लगातार टालना स्थायी समाधान नहीं है। निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए आय बढ़ाने, वित्तीय पुनर्गठन और सरकार की आवश्यक सहायता के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और निगम प्रबंधन ने कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया तो संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विचार करेगा। इसके तहत एक दिन के लिए हिमाचल भवन, मंडी सदन, हिमाचल भवन चंडीगढ़, सचिवालय, विधानसभा और विली पार्क सहित संबंधित स्थानों पर सेवाएं बंद करने तथा अधिकारियों एवं मंत्रियों के आवासों तक विरोध कार्यक्रम ले जाने की चेतावनी दी गई है।
यूनियन ने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और HPTDC को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, प्रदेश महामंत्री यश पाल हेटा, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप सिंह तोमर सहित HPTDC Employees Union के अध्यक्ष, महामंत्री और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
