शिमला-01 अक्टूबर. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों, बागवानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। रोहडू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में दूध के दाम में बहुत कम वृद्धि होती थी, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि से पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी।
सुक्खू ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सेब के खरीद मूल्य में भी एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए कहा कि अब एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के स्थान पर 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार गांवों की सरकार है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सेब बागवानों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू की है तथा प्राकृतिक खेती के उत्पादों को भी समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया गया और वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की कमी न हो, इसके लिए पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले हैं। रोहडू के एक स्कूल में सीबीएसई व्यवस्था लागू होने के बाद एक ही वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या में 500 से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इन सीबीएसई स्कूलों में 1,500 अध्यापकों की नियुक्ति की है तथा सीबीएसई स्कूलों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में 300 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना है ताकि अभिभावकों का निजी शिक्षा पर होने वाला खर्च कम हो।
सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर प्रदेश की संपदा को आम लोगों के हित में उपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के समय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब और आम लोगों के हित में प्रदेश की संपदा का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री के पद पर हैं, प्रदेश की संपदा को न लूटने दिया जाएगा और न ही लुटने दिया जाएगा। उन्होंने इस लड़ाई में जनता से सहयोग का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।
मुख्यमंत्री ने संदासू को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में सब-तहसील खोलने, चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने तथा जांगला और चिड़गांव स्कूलों को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा की।
