शिमला-18 अक्टूबर. बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण रविवार को सराहन में किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए जबकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, चेयरमैन पर्यटन विकास निगम आर एस बाली सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने न केवल हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर राज किया, बल्कि लगभग पांच दशकों तक प्रदेशवासियों के दिलों में भी अपनी विशेष जगह बनाए रखी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह एक युगपुरुष, दूरदर्शी राजनेता और आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माता थे, जिनका प्रदेश के विकास में योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल रामपुर अथवा रोहड़ू के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में उनकी समान स्वीकार्यता और लोकप्रियता थी। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में लोग उनका सम्मान करते थे। चाहे ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर हो या कुल्लू, आनी, पांगी, भरमौर तथा लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र, हर जगह उनका विशेष प्रभाव और लोगों से आत्मीय जुड़ाव था।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का राजनीतिक अनुभव अत्यंत व्यापक था। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह सहित अनेक प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। उनका राजनीतिक जीवन अनुभव, जनसेवा और विकास के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन में वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनके मंत्रिमंडल में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने ही उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा, “मैं वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला का विद्यार्थी रहा हूं। उनकी शिक्षा और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि मैं पिछले 25 वर्षों से लगातार विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहा हूं।”
मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर कौल सिंह और ठाकुर रामलाल जैसे वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का विश्वास अर्जित किया। उनका राजनीतिक अनुभव नई पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में दो महान नेताओं के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इनमें हिमाचल निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार और आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि रिज मैदान पर देश और प्रदेश की महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं और वीरभद्र सिंह का स्थान भी उन्हीं महान व्यक्तित्वों के बीच है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वीरभद्र सिंह की आदमकद प्रतिमाओं की स्थापना उनके प्रति जनता के अटूट सम्मान और स्नेह का प्रतीक है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के गौरव थे, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान की। उनके नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि कभी विकास के मामले में पिछड़े पहाड़ी राज्यों में गिने जाने वाले हिमाचल प्रदेश की आज एक विकास मॉडल के रूप में पहचान है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास में डॉ. वाई.एस. परमार, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह जैसे महान नेताओं का अतुलनीय योगदान रहा है। इन नेताओं की दूरदर्शिता, जनसेवा की भावना और विकासपरक नीतियों के कारण ही प्रदेश वर्तमान स्थिति तक पहुंचा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2003 में जब वह और मुकेश अग्निहोत्री पहली बार विधायक बने थे, उस समय वीरभद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्हें वीरभद्र सिंह का वह मूल मंत्र आज भी याद है, जिसमें वह ‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ की भावना पर जोर देते थे। उन्होंने कहा कि यही सोच कांग्रेस सरकार की विकास नीति का आधार रही है और इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह जैसे नेताओं ने हिमाचल प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। डॉ. वाई.एस. परमार के समय से लेकर वीरभद्र सिंह के कार्यकाल तक प्रदेश ने विकास के विभिन्न पड़ाव तय किए और अपनी अलग पहचान बनाई। समय के साथ परिवर्तन आवश्यक है, लेकिन विकास की मूल भावना, सिद्धांतों और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि यदि हम अपने महान नेताओं की विचारधारा से दूर हो जाएंगे, तो हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट पहचान भी प्रभावित होगी। इसलिए उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य करना आवश्यक है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि सड़कें प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण संपर्क और पर्यटन विकास की आधारशिला हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित होने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता मिलती है।
इस अवसर पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी विशेष स्थान तक सीमित नहीं किया जा सकता। पूरा हिमाचल प्रदेश उनकी कर्मस्थली और जन्मभूमि रहा है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह मां भीमाकाली को सदैव अपनी आराध्य शक्ति मानते थे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव के बावजूद मां भीमाकाली का आशीर्वाद लेते रहे।
उन्होंने कहा कि मां भीमाकाली के प्रांगण में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण सभी लोगों की सामूहिक भावना थी। उनकी जन्मस्थली सराहन में इस प्रतिमा का अनावरण उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि अष्टमी का दिन इस आयोजन के लिए सबसे उपयुक्त था, क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए भी वीरभद्र सिंह प्रदेश के किसी भी कोने में हों, अष्टमी के दिन मां भीमाकाली का आशीर्वाद लेने सराहन अवश्य आते थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने पूरे कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश का चौमुखी विकास सुनिश्चित किया। वह छः बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उनके नेतृत्व में विकास की मजबूत नींव रखी गई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वीरभद्र सिंह की सोच को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। विशेष रूप से रामपुर विधानसभा क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के विकास को आगे ले जाना सभी का दायित्व है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन आर एस बाली ने कहा कि इतिहास के पन्नों में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण लिखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के हर वर्ग के लिए हमेशा अपना जीवन दिया है। उन्होंने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को हिमाचल प्रदेश का युगपुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन प्रदेश की सेवा और विकास के लिए समर्पित किया। उनका योगदान सदियों तक याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने हर बुजुर्ग, महिला, युवा और बच्चे की समस्याओं को अपनी समस्या समझा तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। हिमाचल प्रदेश के विकास में उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
आर एस बाली ने प्रतिभा सिंह का आभार व्यक्त करते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह तथा समारोह में उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की विचारधारा, जनसेवा की भावना और विकास की विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए प्रदेश की सेवा करेंगे।
