शिमला,03नवंबर. हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांवटा साहिब के बागनी में तैनात वन विभाग के रेंज ऑफिसर (RO) सुमंत को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना SV&ACB नाहन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 (वर्ष 2018 में संशोधित) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला गांव बागनी निवासी इकराम पुत्र इकबाल, जो पेशे से मजदूर है, की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी अधिकारी ने उसके जीजा जुल्फान के दो ट्रैक्टरों को यमुना नदी से रेत ले जाने के आरोप में जब्त करने की धमकी दी थी। इस कार्रवाई से बचाने के एवज में आरोपी ने ₹10,000 की अवैध रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में पांवटा साहिब में जाल बिछाया। इस दौरान आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर रिश्वत की निर्धारित राशि ₹10,000 स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
मामले में आगामी जांच जारी है तथा सभी संबंधित तथ्यों एवं पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
उधर, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है। अवैध रूप से रिश्वत मांगने या स्वीकार करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकौल तिवारी हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे बिना किसी भय के भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें सामने लाएं। विजिलेंस ब्यूरो प्रत्येक वास्तविक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ प्राप्त करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाएगा। हमारा उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
