शिमला,02नवंबर. दिल्ली से शिमला लौटते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। यही कारण है कि इन गुटों को एकजुट करने के लिए असम के मुख्यमंत्री को हिमाचल बुलाना पड़ा।
सुक्खू ने हिमंत बिस्वा सरमा के अगले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल में जब अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी तो सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री को भी निमंत्रण भेजा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस दोबारा सरकार बनाएगी। साथ ही कहा कि भाजपा के 16 विधायक अभी ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि वे दोबारा चुनाव जीत सकें। चुनाव परिणाम आने पर उनके दावे की सच्चाई सामने आ जाएगी।
ईवीएम पर उठ रहे सवालों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि इसका विरोध कब से शुरू हुआ। हिमाचल में विधानसभा चुनाव 2022 में हुए थे, जबकि ईवीएम को लेकर सवाल 2024 के बाद उठाए गए। उन्होंने इन मुद्दों को तथ्यों और समयक्रम के आधार पर देखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने और करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपये की कमी आने के बावजूद सरकार ने आर्थिक व्यवस्था संभाली है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश के प्राकृतिक और आर्थिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल की संपदा को न लुटने दिया जा रहा है और न ही भविष्य में ऐसा होने दिया जाएगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों की रैली पर सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी जनता की आवाज उठाना है। उन्होंने दावा किया कि रैली में लाखों लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एसआईआर (SIR) के माध्यम से कथित धांधली के आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल हुए।
