शिमला,05 नवंबर. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चुराह दौरे के दौरान एक मासूम बेटी से किया अपना वादा निभा दिया है। मुख्यमंत्री के सामने अपनी मां के तबादले की गुहार लगाते हुए फूट-फूटकर रोने वाली पांचवीं कक्षा की छात्रा वंशिका की फरियाद आखिरकार सुन ली गई है। अब उसकी मां जेबीटी अध्यापिका नारो देवी का तबादला शिमला जिले के नेरवा से चंबा जिले के तीसा शिक्षा खंड में कर दिया गया है।
दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के चुराह दौरे के दौरान यह भावुक कर देने वाला मामला सामने आया था। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली वंशिका ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मां के तबादले की गुहार लगाई थी। बेटी ने भावुक होते हुए बताया था कि उसकी मां नारो देवी पिछले तीन वर्षों से शिमला जिले के नेरवा में तैनात हैं, जो उनके घर से करीब 700 किलोमीटर दूर है। मां के दूर रहने के कारण उसे उनसे अलग रहना पड़ रहा है।
वंशिका ने मुख्यमंत्री को बताया था कि वह चौथी कक्षा तक अपनी मां के साथ रही, लेकिन अब पांचवीं कक्षा में घर के नजदीक रहकर पढ़ाई कर रही है और जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश की तैयारी कर रही है। ऐसे में मां से दूर रहना उसके लिए काफी मुश्किल हो रहा है। बेटी की आंखों में आंसू देखकर मुख्यमंत्री ने उसकी बात गंभीरता से सुनी और मां को घर के नजदीक तैनात करने का आश्वासन दिया था।
अब मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 5 नवंबर 2026 को स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए हैं। पांच प्रतिशत स्थानांतरण नीति के तहत जेबीटी अध्यापिका नारो देवी का तबादला शिमला जिले के जीपीएस सोबल, नेरवा से चंबा जिले के जीपीएस चांद्रू, शिक्षा खंड तीसा में किया गया है।
तबादले के आदेश जारी होने के बाद वंशिका और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब बेटी को अपनी मां से दूर नहीं रहना पड़ेगा और मां भी अपने घर के नजदीक रहकर सेवाएं दे सकेंगी।
एक मासूम बेटी की भावुक गुहार और मुख्यमंत्री द्वारा निभाए गए वादे का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
