शिमला-26 जुलाई. अगर इंसान के मन में कोई काम करने का पक्का इरादा और जुनून हो, तो कामयाबी उसे जरूर मिलती है और अगर हौसला मजबूत हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान हो जाते हैं। कुछ ऐसा की कारनामा सुन्नी के चनावग की प्रिया शर्मा ने कर दिखाया है। जो इन दिनों नगर निगम शिमला में अपनी सेवाएं चालक के रूप में दे रहीं हैं।
प्रिया शर्मा नगर निगम शिमला की स्वास्थ्य शाखा में स्वच्छता वाहन में सेवाएं देकर लोगों के घरों से एकत्र होने वाले कूड़े को भरयाल प्लांट तक ले जा रही हैं। प्रिया शर्मा सुबह से लेकर शाम तक निगम के स्वच्छता वाहन में सेवाएं देकर नगर निगम शिमला समेत अपने गांव व परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। प्रिया शर्मा नगर निगम शिमला के वाहनों में पहली महिला चालक हैं जो अपने परिवार का पालन पोषण कर रही हैं।
प्रिया मूलतः शिमला ग्रामीण के सुन्नी क्षेत्र की चनावग ग्राम पंचायत से संबंध रखती हैं। जिन्होंने परिवहन विभाग के तारादेवी स्थित प्रशिक्षण शाला से भारी वाहन चलाने का लाइसेंस रखने वाली प्रिया शहर की सफाई, पानी के टैंकर या कूड़ा-गाड़ियों को चलाने जिम्मेदारी वाले काम बखूबी संभाल रही हैं। प्रिया शर्मा को अपने काम में संतोष तो मिलता ही है, साथ ही गर्व भी होता है कि वे उन गिने-चुने लोगों में से हैं जो शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने में सीधी भूमिका निभा रहे हैं। सुबह-सुबह जब पूरा शहर सो रहा होता है, तब दो बच्चों की मां प्रिया अपनी ड्यूटी पर निकल पड़ती हैं। पहाड़ों की चढ़ाई, तंग मोड़ और ट्रैफिक सबको पार करते हुए वे अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करती हैं।
प्रिया जैसी महिलाएं ये साबित करती हैं कि कोई भी काम बड़ा-छोटा नहीं होता और न ही कोई काम सिर्फ पुरुषों के लिए है। हिम्मत, मेहनत और HTV लाइसेंस के दम पर उन्होंने स्टीयरिंग थामा और आज शिमला की सड़कों पर मिसाल बन गई हैं।


