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शिमला-03 अगस्त.प्रदेश में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट लाइब्रेरी के 71 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में जॉब ट्रेनी जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के रूप में तैनात किया गया है। निदेशालय के आदेशों के अनुसार सभी नियुक्तियां प्रारंभिक तौर पर दो वर्ष के लिए जॉब ट्रेनी आधार पर होंगी। इस अवधि में प्रत्येक अभ्यर्थी को 12,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। दो वर्ष की सेवा सफलतापूर्वक पूरी करने तथा सरकार द्वारा निर्धारित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही नियमित वेतनमान में नियमितीकरण पर विचार किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जॉब ट्रेनी अवधि के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं होगा और नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले अधिकांश सेवा लाभ भी लागू नहीं होंगे। हालांकि, सरकारी कार्य से यात्रा करने पर नियमानुसार टीए व डीए मिलेगा तथा हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

आदेश के मुताबिक प्रशिक्षण अवधि के दौरान विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। जॉब ट्रेनी को प्रत्येक माह एक दिन का आकस्मिक अवकाश, वर्ष में 10 दिन का मेडिकल अवकाश तथा 5 दिन का विशेष अवकाश मिलेगा। महिला जॉब ट्रेनी को नियमानुसार 180 दिन का मातृत्व अवकाश तथा गर्भपात की स्थिति में अधिकतम 45 दिन का विशेष अवकाश भी प्रदान किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति शिमला, कांगड़ा, मंडी, चंबा, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, किन्नौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में की गई है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी नियुक्ति आदेश विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 7 अगस्त तक संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित अवधि में ज्वाइन नहीं किया गया तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

शिक्षा निदेशालय ने नियुक्ति की शर्तों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों के अनुसार यदि कोई जॉब ट्रेनी नियंत्रण अधिकारी की अनुमति के बिना ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है तो उसकी सेवाएं स्वत: समाप्त मानी जाएंगी। हालांकि, गंभीर चिकित्सा परिस्थितियों में, यदि संबंधित कर्मचारी समय पर सूचना देने और सरकारी चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम हो, तो उस अवधि को नियमितीकरण पर विचार करते समय अलग रखा जा सकता है। लेकिन अनुपस्थिति की अवधि का कोई मानदेय नहीं मिलेगा।

सभी चयनित अभ्यर्थियों को सरकारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी फिटनेस प्रमाण पत्र जमा करना होगा। जिन महिला अभ्यर्थियों को ऐसे प्रशिक्षण में लगाया जाना है जहां कार्य जोखिमपूर्ण है और यदि वे चिकित्सीय जांच में 12 सप्ताह या उससे अधिक गर्भवती पाई जाती हैं, तो उनकी नियुक्ति अस्थायी रूप से स्थगित रहेगी। प्रसव के छह सप्ताह बाद दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण में फिट पाए जाने पर उन्हें आरक्षित पद पर नियुक्ति दी जाएगी।

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