शिमला-20 अगस्त. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। हिमाचल वन निगम के वाइस चेयरमैन और प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता केहर सिंह खाची को कांग्रेस संगठन ने ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया है। यह कार्रवाई ठियोग के विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी के बाद की गई है। खाची को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने खाची को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि खाची से पूछा गया है कि उन्होंने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ विधायक के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी क्यों की और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। जिंटा ने कहा कि कुलदीप सिंह राठौर पार्टी के कद्दावर नेताओं में शामिल हैं। राठौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए उपचुनावों में पार्टी को 4-0 से जीत दिला चुके हैं, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।खाची के बयान और उसके बाद जारी नोटिस ने प्रदेश कांग्रेस में नेताओं के बीच मतभेद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब पार्टी की नजर इस बात पर है कि इस मामले में आगे क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है।
विवाद बढ़ने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह खुलकर कुलदीप सिंह राठौर के समर्थन में उतर आए। उन्होंने केहर सिंह खाची के बयान का खंडन करते हुए कहा कि राठौर ने एनएसयूआई से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद तक करीब चार दशकों तक संगठन की निस्वार्थ सेवा की है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में लाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में राठौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
बता दें कि दरअसल ठियोग में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता केहर सिंह खाची के बयान के बाद पार्टी में विवाद गहरा गया है। खाची ने कहा था कि वर्ष 2022 से पहले ठियोग की जनता में से 11 लोग भी कुलदीप सिंह राठौर को नहीं पहचानते थे और सभी नेताओं ने एकजुट होकर उन्हें चुनाव जिताया था। उनके इस बयान के बाद ठियोग कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है।
