शिमला-19 अगस्त. हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के क्रियान्वयन और कार्यप्रणाली को लेकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सुधीर शर्मा के बाद अब इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, शिमला के पूर्व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज को भी विजिलेंस ने पूछताछ के लिए तलब किया है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष जांच इकाई की ओर से डॉ. जनकराज को जारी पत्र में आईजीएमसी शिमला में हिमकेयर योजना के क्रियान्वयन और संचालन को लेकर चल रही विजिलेंस जांच का हवाला दिया गया है। पत्र के अनुसार डॉ. जनकराज 31 मार्च 2018 से 18 अक्तूबर 2022 तक आईजीएमसी शिमला में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात रहे थे।
विजिलेंस के अनुसार जांच के दौरान सामने आया है कि वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय के पास हिमकेयर योजना के क्रियान्वयन से संबंधित प्रशासनिक, पर्यवेक्षण और निगरानी संबंधी जिम्मेदारियां थीं। इसी के मद्देनजर उनके कार्यकाल के दौरान योजना के क्रियान्वयन, प्रशासन, निगरानी और संचालन से संबंधित जानकारी एवं स्पष्टीकरण लेने के लिए उन्हें बुलाया गया है।
जारी पत्र के मुताबिक डॉ. जनकराज को 20 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय, शिमला में जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। उन्हें यह विकल्प भी दिया गया है कि वे आईजीएमसी शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करवा सकते हैं।
विजिलेंस ने पत्र में स्पष्ट किया है कि डॉ. जनकराज की उपस्थिति हिमकेयर योजना से संबंधित जांच को निष्पक्ष और शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक है।
गौरतलब है कि हिमकेयर योजना को लेकर आईजीएमसी शिमला में विजिलेंस की जांच चल रही है। अब पूर्व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज को तलब किए जाने से जांच में पूछताछ का दायरा और आगे बढ़ गया है।
