शिमला-24 अगस्त. स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के सचिव मुकेश कुमार ने विश्वविद्यालय में लगातार बढ़ाई जा रही फीस, CAG की रिपोर्ट में 186 नियुक्तियों को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों तथा वर्ष 2019 में हुई शिक्षक नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
मुकेश कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के हजारों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे विश्वविद्यालय में लगातार फीस बढ़ाकर शिक्षा को महंगा करना और दूसरी ओर नियुक्तियों से जुड़े गंभीर सवालों पर कार्रवाई न करना छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि CAG की रिपोर्ट 2025 में HPU से संबंधित अनुपालन ऑडिट में नियुक्तियों और दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े गंभीर सवाल सामने आए हैं। SFI के अनुसार, रिपोर्ट में 2020 से 2023 के बीच हुई 186 नियुक्तियों से संबंधित प्रमाण-पत्रों, अनुभव प्रमाण-पत्रों और शोध प्रकाशनों के सत्यापन को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
मुकेश कुमार ने कहा कि जब देश की संवैधानिक संस्था CAG विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन पर सवाल उठाती है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। केवल आंतरिक स्तर पर मामला निपटाने के बजाय पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि SFI की मांग किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराने की नहीं है। संगठन की मांग है कि दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
SFI ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि फीस बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस नहीं लिया गया और 186 नियुक्तियों से जुड़े CAG के सवालों तथा 2019 की शिक्षक नियुक्तियों की न्यायिक जांच नहीं बैठाई गई, तो संगठन आंदोलन को और व्यापक करेगा।
