शिमला-02 सितंबर. प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की स्थिति, इनकी लागत, निजी निवेश और पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ने को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किए। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में रोपवे सरकार की प्राथमिकता में हैं, लेकिन इनकी लागत बहुत अधिक होने के कारण कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पीपीपी और ईएपी मोड पर रोपवे बनाने के लिए तैयार है और निजी निवेशकों का स्वागत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि शिमला में रोपवे लगाने की योजना पर भी काम करने की कोशिश की गई थी। टेंडर के आकलन में इसकी लागत करीब 2,700 करोड़ रुपये आई। अधिक लागत के कारण इस परियोजना पर फैसला नहीं हो सका और इसे रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली कैबिनेट बैठक में पीपीपी और ईएपी मोड पर जाने की बात रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने पर विचार कर रही है, जिसमें रोपवे के पीपीपी मोड की अवधि 30 से 35 साल तक सीमित की जा सके। उन्होंने रोपवे निर्माण में निजी निवेशकों से हिमाचल में आने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनका स्वागत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास करीब 1,200 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है और निजी निवेशकों को शिमला आने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि रोपवे के माध्यम से प्रदेश के उन क्षेत्रों को जोड़ा जाए, जहां अभी पहुंच सीमित है। पर्यटन की दृष्टि से अनछुए क्षेत्रों को रोपवे से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। यदि वन संरक्षण अधिनियम यानी एफसीए की मंजूरी के कारण परियोजनाओं में देरी हो रही है तो सरकार इस प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास करेगी। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने हिमानी चामुंडा रोपवे की स्थिति को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार क्योरी से बिलिंग को जोड़ने वाली योजना पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उषा कंपनी ने शिमला और हिमानी चामुंडा दोनों परियोजनाएं ली थीं, लेकिन चार साल तक मामला चलता रहा और कोई काम नहीं हुआ। चिंतपूर्णी के विधायक राकेश कालिया ने चिंतपूर्णी रोपवे को सुविधाजनक बनाने का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुझाव पर उपमुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और सरकार रोपवे के लिए खुले मन से तैयार है।
