शिमला- 21 सितंबर. शिमला के प्रतिष्ठित लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग एवं सेवन की रोकथाम के विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन राजेश कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला द्वारा किया गया, जबकि लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय, शिमला ने इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम की मेजबानी की। कार्यक्रम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला रहे। इस अवसर पर भूषण लाल, सहायक सचिव, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उप-क्षेत्रीय कार्यालय शिमला तथा परमजीत कुंडू, आसूचना अधिकारी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, चंडीगढ़ क्षेत्रीय इकाई विशेष रूप से उपस्थित रहे।
परमजीत कुंडू ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभागियों को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षिक दुष्प्रभावों, उनसे बचाव के उपायों तथा युवाओं में जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि राजेश कुमार गुप्ता ने अपने प्रेरणास्पद संबोधन में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा अपने जीवन में सकारात्मक एवं स्वस्थ विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की शक्ति और भविष्य हैं तथा उन्हें नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति सजग रहकर स्वयं भी सुरक्षित रहना चाहिए और अपने साथियों को भी जागरूक करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सही निर्णय लेने, अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने तथा किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन से प्रभावित न होने का संदेश दिया। उनका संबोधन विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्रोत रहा।
भूषण लाल ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं एवं सहयोग की सराहना की तथा विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस विशेष जागरूकता सत्र में शिमला जिले के विभिन्न केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों एवं पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, वरिष्ठ शिक्षकों, विद्यालय परामर्शदाताओं तथा कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के दो-दो विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के लिए लगभग 70 विद्यालयों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से 42 विद्यालयों ने सक्रिय भागीदारी की। लगभग 300 प्रतिभागियों ने इस महत्त्वपूर्ण जागरूकता सत्र में सहभागिता की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों एवं मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सत्र में नशे से दूर रहने, सही निर्णय लेने, साथियों के दबाव का सामना करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की विशेषता इसका संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण स्वरूप रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, परामर्शदाताओं एवं विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग तथा उसकी रोकथाम से संबंधित अनेक प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे। श्री परमजीत कुंडू ने अपने अनुभव एवं विषय-विशेषज्ञता के आधार पर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस प्रश्नोत्तर सत्र ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, रोचक एवं व्यावहारिक बना दिया।
सत्र के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशे की रोकथाम केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विद्यालय, परिवार, शिक्षक, विद्यार्थी और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही एक सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन की सचिव सिस्टर अपोलिना, प्रधानाचार्या रितु शर्मा, मुख्याध्यापिका मोनिका शर्मा, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों तथा विभिन्न विद्यालयों से आए सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या रितु शर्मा ने प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से दूर रहने, अपने जीवन में सकारात्मक विकल्प चुनने तथा अपने साथियों और समाज में भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार युवा पीढ़ी के निर्माण में विद्यालय और शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
यह जागरूकता कार्यशाला केवल जानकारी प्रदान करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि संवाद, सहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रभावी मंच बनी। विभिन्न विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल विद्यालय में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को स्वस्थ विकल्प चुनने, सही निर्णय लेने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने के लिए प्रेरित करने वाली एक सार्थक पहल सिद्ध हुई।
“नशे से दूरी—स्वस्थ जीवन की ओर कदम;
जागरूक युवा—सशक्त समाज की पहचान।”
