पालमपुर-24 सितंबर. पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री कार्यालय में डॉ. परमार से लेकर अब तक के मुख्यमंत्री प्रदेश का काम चलाते रहे और जिस भवन पर हर दूसरे-तीसरे साल लाखों रुपये मरम्मत एवं सजावट पर खर्च होते रहे, वह भवन वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी को पर्याप्त नहीं लगा। इसके स्थान पर लगभग 40–50 करोड़ रुपये से नया कार्यालय बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि यह भयंकर फिजूलखर्ची ऐसे समय में हुई है, जब हिमाचल प्रदेश इतिहास के सबसे अधिक कर्ज में है। हालात यहां तक आ गए हैं कि पिछले कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए नया कर्ज लेना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भयंकर आर्थिक परिस्थिति में करोड़ों रुपये अपने कार्यालय पर खर्च करना मुख्यमंत्री का प्रदेश-विरोधी काम है। इसका कोई समर्थन नहीं कर सकता। इसी प्रकार की बातों के कारण हिमाचल की जनता सरकार के विरुद्ध होती जा रही है। इस बार पंचायत राज चुनावों में कांग्रेस बुरी तरह से हारी है। प्रदेश की 11 जिला परिषदों के चुनावों में से 10 जिला परिषदों में भाजपा की जीत यह संदेश देती है कि कांग्रेस जा रही है और भाजपा आ रही है।
शांता कुमार ने कहा कि आज की भयंकर आर्थिक परिस्थिति में मुख्यमंत्री को बचत का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए था। प्रदेश सरकार को एक-एक पैसे की बचत करनी चाहिए। सरकार एक समुद्र की तरह है—एक-एक बूंद बचाई जाए तो समुद्र भर जाता है और एक-एक बूंद लुटाई जाए तो समुद्र खाली हो जाता है।
उन्होंने कहा कि 1977 में मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने स्वयं से बचत शुरू की थी। अपना एक टेलीफोन कटवाया, नीचे तक के प्रशासन में फिजूलखर्ची को रोका और मुख्यमंत्री के साथ चलने वाली गाड़ियों के काफिले को बंद किया। थोड़े ही समय में करीब 50 करोड़ रुपये की बचत हुई थी, जिसे उन्होंने पीने के पानी की व्यवस्था पर खर्च किया था। उस समय सरकार पर कोई उधार नहीं था।
शांता कुमार ने कहा कि आज प्रत्येक विभाग में भयंकर फिजूलखर्ची हो रही है, लेकिन केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला कैंपस के लिए प्रदेश सरकार 30 करोड़ रुपये नहीं दे रही है। इसी कारण केंद्र सरकार के 300 करोड़ रुपये भी खर्च नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इससे बड़ी नालायकी क्या हो सकती है कि भारत सरकार ने 12 वर्ष पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय दिया, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उसका मुख्य कैंपस धर्मशाला में नहीं बन पाया।
उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जनता तैयारी करे और इस प्रकार की सरकार को अगले चुनाव में उखाड़ फेंके।
