शिमला-24 अक्टूबर. हिमाचल प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को CCTV कैमरे लगाने तथा मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करने को कहा है।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों से प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने का आग्रह किया है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि CCTV कैमरे केवल परिसर के अंदर ही नहीं, बल्कि स्कूल गेट के दोनों ओर, पहुंच मार्गों और आसपास के क्षेत्रों को भी कवर करें, ताकि संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों पर नजर रखी जा सके।
30 दिन में सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के निर्देश
पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष शिमला के एक प्रतिष्ठित स्कूल के मुख्य गेट के पास से तीन विद्यार्थियों के अपहरण की घटना ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की आवश्यकता को उजागर किया था। हालांकि, तीनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। इस घटना को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन को CCTV कैमरों के उचित रखरखाव, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने, नियमित निगरानी और आगंतुकों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर, अधिमानतः 30 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
स्कूलों और अभिभावकों की भी जिम्मेदारी
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन, पुलिस और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है। अभिभावकों से बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की गई है। आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए 112 नंबर का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।
पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक मार्गदर्शन देने को कहा है। इस संबंध में शिमला स्थित एक निजी स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ बैठक नवंबर 2026 के पहले सप्ताह में पुलिस मुख्यालय में आयोजित की जाएगी।
