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शिमला-01 अगस्त. हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों से संवाद कर शिक्षा के महत्व पर विचार साझा किए तथा विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए।
उन्होंने कहा कि कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति और शैक्षणिक सत्र का आरंभ क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन देशभर में एक समान, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराता है। यहां एनसीईआरटी और सीबीएसई के पाठ्यक्रम का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में कम एवं पारदर्शी शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, देशभर में सहज ट्रांसफर सुविधा, एक समान पाठ्यक्रम, अखिल भारतीय स्तर पर चयनित शिक्षक तथा आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स, खेल सुविधाएं, यूथ पार्लियामेंट, साइंस फेयर और कला गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रोहित ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन शीघ्र ही कोटखाई के समीप कुफटू फार्म में बनाया जाएगा। वर्तमान में विद्यालय का संचालन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या), कोटखाई के भवन से किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के कुल बजट का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के 151 विद्यालयों में प्रथम चरण में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में शिक्षा विभाग में लगभग 15 हजार पद रिक्त थे, जिनमें से करीब 9 हजार पद भरे जा चुके हैं, जबकि लगभग 3 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

डीएवी महाविद्यालय में 1.60 करोड़ से निर्मित कन्या छात्रावास का उद्घाटन
शिक्षा मंत्री ने डीएवी महाविद्यालय, कोटखाई में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कन्या छात्रावास भवन का उद्घाटन भी किया। छात्रावास में 36 बेड, मैस तथा दो वार्डन कक्ष बनाए गए हैं। इस परियोजना के लिए वर्ष 2024 में रूसा के तहत 1.60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
महाविद्यालय में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डीएवी देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित निजी शैक्षणिक नेटवर्क में से एक है। स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों और आर्य समाज के सिद्धांतों पर आधारित यह संस्थान आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कृति और वैदिक मूल्यों के साथ जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि डीएवी महाविद्यालय, कोटखाई क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है, जो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहा है।

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