शिमला-05 अगस्त. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शारीरिक व्यायाम को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, शिमला द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब सभी स्कूलों की सुबह की प्रार्थना सभा में कम से कम 15 मिनट का शारीरिक व्यायाम (पीटी) कराना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सभी उप-निदेशकों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश भेज दिए गए हैं।निदेशालय ने कहा है कि सुबह की प्रार्थना सभा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि इसे विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास से जोड़कर संचालित किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट का समय व्यायाम, स्ट्रेचिंग, पीटी और हल्की खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में शारीरिक शिक्षक (PET/DPET) तैनात हैं, वहां वही इस गतिविधि का संचालन करेंगे। जिन स्कूलों में शारीरिक शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां अन्य शिक्षक विद्यार्थियों को व्यायाम कराएंगे। स्कूल क्लस्टर स्तर पर भी विद्यार्थियों को खेल और शारीरिक गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के साथ-साथ नैतिक और सकारात्मक संदेश देने वाली प्रार्थनाओं को शामिल किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिक भावना विकसित हो सके। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में प्रतिदिन खेल गतिविधि का एक पीरियड सुनिश्चित करने और प्राथमिक चिकित्सा संबंधी प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई है। शिक्षा विभाग का मानना है कि नियमित शारीरिक व्यायाम से बच्चों की फिटनेस बेहतर होगी, मोटापे और निष्क्रिय जीवनशैली जैसी समस्याओं में कमी आएगी तथा पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सुबह का हल्का व्यायाम बच्चों की ऊर्जा और मानसिक सक्रियता बढ़ाने में मदद करता है।
यह निर्देश पूरे हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे और स्कूल प्रमुखों को इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। विभाग ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
