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शिमला-12 अगस्त. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में फीस वृद्धि के विरोध और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। ABVP की HPU इकाई ने पुस्तकालय के बाहर सामूहिक ‘शव प्रदर्शन’ कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। संगठन ने झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की।

ABVP इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी परिषद पिछले 10 दिनों से फीस वृद्धि के खिलाफ क्रमिक भूख हड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को फीस वृद्धि का निर्णय सामने आने के अगले दिन से ही परिषद ने ज्ञापन, घेराव और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करवाया, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

अक्षय ठाकुर ने दावा किया कि विश्वविद्यालय में अलग-अलग पाठ्यक्रमों की फीस में 25 से 27 प्रतिशत, कुछ पाठ्यक्रमों में 147 प्रतिशत तक तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों की फीस में 100 से 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रावास और बस किराए में भी वृद्धि की गई है। उनका आरोप है कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी छात्रों के लिए पर्याप्त छात्रावास सुविधा उपलब्ध नहीं है और परिसर में सीमित संख्या में बसें संचालित हो रही हैं। ऐसे में फीस बढ़ाना छात्रों के हित में नहीं है। ABVP ने झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और उन पर बल प्रयोग उचित नहीं है।

परिषद ने फीस वृद्धि वापस लेने और छात्र संघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग की। संगठन ने मांग रखी कि रनिंग सेमेस्टर की फीस न बढ़ाई जाए, नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस में वृद्धि न हो, सब्सिडाइज्ड सीटों में अधिकतम 5 प्रतिशत वृद्धि हो तथा परीक्षा और RME जैसे प्रशासनिक कार्यों की फीस में 8 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी न की जाए। पहले फीस जमा कर चुके छात्रों को अतिरिक्त राशि वापस करने या अगले सेमेस्टर में समायोजित करने की भी मांग की गई। ABVP ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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