शिमला-19 अगस्त. हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को एक बार फिर प्रभावित किया है। राज्य के कई हिस्सों में बुधवार को भी तेज बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने और नालों में पानी बढ़ने से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राज्य में बुधवार शाम तक एक नेशनल हाइवे और 166 सड़कें बंद थीं। वहीं मानसून से होने वाले नुकसान का आंकड़ा 1033 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 156 मिलीमीटर बारिश हमीरपुर जिले के सुजानपुर टीहरा में दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर जिले के नैना देवी में 136 मिलीमीटर, हमीरपुर के नादौन में 128 मिलीमीटर, कांगड़ा जिले के धर्मशाला में 127 मिलीमीटर, ऊना जिले के भरवीं में 118 मिलीमीटर, कांगड़ा के गगल और पालमपुर में 111-111 मिलीमीटर तथा नगरोटा सूरियां में 90 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के कारण प्रदेश की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। दिन के समय राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने 279 सड़कें बंद होने की जानकारी दी थी। इनमें मंडी जिले में 100, चंबा में 83, शिमला में 26, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 16 सड़कें प्रभावित थीं। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित हुआ। हालांकि बहाली कार्य के बाद शाम तक बंद सड़कों की संख्या घटकर 166 रह गई।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार शाम तक मंडी जिले में सबसे अधिक 84 सड़कें और एक नेशनल हाइवे बंद था। मंडी-कोटली-धर्मपुर नेशनल हाइवे रोपड़ू क्षेत्र में अवरुद्ध है। इसके अलावा कुल्लू में 35, सिरमौर में 12 तथा शिमला, ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में छह-छह सड़कें बंद हैं।
भारी बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। दिन के समय प्रदेश में 310 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होने की सूचना थी। लाहौल-स्पीति जिले के स्पीति उपमंडल में 101 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। सिरमौर जिले के नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ क्षेत्रों में 78 ट्रांसफार्मर ठप रहे। मंडी जिले के गोहर, सुंदरनगर, सरकाघाट और धर्मपुर क्षेत्रों में 64 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए, जबकि शिमला जिले के चौपाल और डोडरा-क्वार क्षेत्रों में 27 ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे। शाम तक स्थिति में कुछ सुधार हुआ और राज्य में 130 ट्रांसफार्मर बंद दर्ज किए गए। इनमें लाहौल-स्पीति के स्पीति उपमंडल में 68 और हमीरपुर जिले में 42 ट्रांसफार्मरों के खराब होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का व्यापक असर पड़ा है। दिन के समय प्रदेश में 84 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। हमीरपुर जिले के बड़सर और भोटा क्षेत्रों में 32, सिरमौर जिले के संगड़ाह क्षेत्र में 23 तथा शिमला जिले के रामपुर, चौपाल और जुब्बल क्षेत्रों में 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं। शाम तक प्रभावित पेयजल योजनाओं की संख्या बढ़कर 222 पहुंच गई। इनमें हमीरपुर जिले में सबसे अधिक 107, सिरमौर में 55, बिलासपुर में 28 और कांगड़ा में 26 पेयजल योजनाएं ठप हैं।
मौसम विभाग ने बुधवार को हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया। विभाग के अनुसार 20 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में तथा 21 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 22 से 25 अगस्त के बीच भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है, हालांकि इस अवधि के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मानसून से होने वाले नुकसान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में 30 जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 205 लोगों की मौत हो चुकी है, 318 लोग घायल हुए हैं और तीन लोग लापता हैं। मृतकों में 121 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। इसके अलावा 15 लोगों की मौत भूस्खलन, पांच की बहने, 29 की पहाड़ी से फिसलने या पेड़ गिरने तथा आठ लोगों की मौत करंट लगने से हुई है।
मानसून के दौरान अब तक 434 पशुओं की भी मौत हुई है। राज्य में 85 घर, 14 दुकानें और 296 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 325 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मानसून से अब तक 1033 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ है। इसमें सबसे अधिक करीब 750 करोड़ रुपये का नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है।
