शिमला-22अगस्त. हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पेंशन और पारिवारिक पेंशन के बकाया भुगतान से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया है। सरकार ने अधिकतम पेंशन सीमा और अधिकतम पारिवारिक पेंशन सीमा में बदलाव किया है। यह संशोधन शुद्धिपत्र के माध्यम से किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
यह आदेश हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रधान सचिव (वित्त) की ओर से जारी किया गया है।वित्त विभाग के अनुसार अब अधिकतम पेंशन सीमा 1 लाख 12 हजार 50 रुपये होगी। वहीं अधिकतम पारिवारिक पेंशन सीमा 67 हजार 230 रुपये होगी। 18 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में इन दोनों के लिए क्रमशः 60 हजार रुपये और 40 हजार रुपये की सीमा निर्धारित की गई थी। अब इन सीमाओं को बढ़ाकर 1,12,050 रुपये और 67,230 रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने उन मामलों के लिए भी स्थिति स्पष्ट की है, जिनमें किसी पेंशनभोगी या पारिवारिक पेंशन पाने वाले की मूल पेंशन या मूल पारिवारिक पेंशन संबंधित तय सीमा से अधिक है। ऐसे मामलों में संबंधित पेंशनभोगी या पारिवारिक पेंशन पाने वाले को एक अंडरटेकिंग यानी लिखित घोषणा देनी होगी। इसके बाद संबंधित पेंशन भुगतान प्राधिकरण बकाया राशि जारी करेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बकाया राशि के भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित पेंशन भुगतान प्राधिकरणों और बैंकों की होगी। उन्हें प्रत्येक व्यक्ति के मामले में पेंशन या पारिवारिक पेंशन के बकाया की सही गणना करनी होगी और निर्धारित नियमों के अनुसार उसका भुगतान करना होगा।
वित्त विभाग ने निर्देश दिया है कि बकाया राशि की गणना और भुगतान 17 सितंबर 2022, 13 मार्च 2024 और 18 अगस्त 2026 को जारी संबंधित कार्यालय ज्ञापनों के प्रावधानों के अनुसार ही किया जाए। पेंशन भुगतान प्राधिकरणों और बैंकों को प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में यह सुनिश्चित करना होगा कि बकाया राशि सही तरीके से निकाली गई है और उसी के अनुसार भुगतान किया गया है।
