शिमला-15 सितंबर. आज का युवा कल का भविष्य है इसलिए जैसा बीज आप आज बोएंगे वैसा ही फल आप कल पाएंगे यह बात शिमला रिप्पन अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. योगराज वर्मा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के Oriental Shrikhand Students Welfare Association (OSSWA) छात्र एसोसिएशन के एक दिवसीय पिकनिक समारोह के दौरान कही। आउटर सिराज छात्र संगठन द्वारा आयोजित एक दिवसीय पिकनिक अवसर पर तानुजुब्बड़ की मनमोहक वादियों को निहारा गया। इस आयोजन में HPU में निरमंड व आनी क्षेत्र के करीब 300 छात्र छात्राओं ने नारकंडा व तानु-जुब्बड़ की हसीन वादियों को निहारा गया।
OSSWA छात्र संगठन द्वारा आयोजित पिकनिक के मौके पर शिमला के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल रिपन के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. योगराज वर्तमा मुख्यातिथि व उनकी धर्मपत्नी अनु वर्मा उपस्थित रही। इस अवसर पर इंजीनियर सुशांत नेगी व उनकी धर्मपत्नी विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की।
साथ ही एसडीएम व तहसीलदार कुमारसैन भी मौजूद रहे। इस दौरान सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के उत्साह एवं मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान की।
तानु-जुब्बड़ की खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के बीच विद्यार्थियों की उमंग, उत्साह, मित्रता, सांस्कृतिक जुड़ाव और सकारात्मक ऊर्जा ने पूरे वातावरण को बेहद जीवंत और यादगार बना दिया।
इस मौके पर डॉ. योगराज ने कहा कि यह अवसर मेरे लिए विशेष रहा है क्योंकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मेरा अपना शैक्षणिक जुड़ाव रहा है। विद्यार्थियों के बीच वापस जाकर उनसे संवाद करना, अपने अनुभव साझा करना और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना मेरे लिए अत्यंत संतोष और आत्मीयता का अनुभव रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनके स्वास्थ्य, भविष्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करते हुए विशेष रूप से चिट्टा एवं अन्य नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूर रहने का संदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि “चिट्टा, नशीले पदार्थों एवं किसी भी प्रकार के मादक द्रव्य का सेवन कभी नहीं करेंगे और न ही अपने किसी साथी को नशे की ओर जाने देंगे। हम अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन जीने का प्रयास करेंगे।”
उन्होंने युवाओं से यह भी आग्रह किया गया कि वे नशे को ‘स्टाइल’ या ‘फैशन’ न समझें, बल्कि इससे होने वाले स्वास्थ्य, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान को समझें। युवा शक्ति नशे में नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, मेहनत, संस्कार, रचनात्मकता और सकारात्मक सोच में है।
डॉ. योगराज वर्मा ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि “शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति जिम्मेदारी को विकसित करने का माध्यम है।”
आज के युवा ही आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश और हमारे समाज की दिशा एवं दशा तय करेंगे। इसलिए अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी संस्कृति, अपनी जड़ों, अपनी भाषा और अपने सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहना भी उतना ही आवश्यक है। OSSWA द्वारा Outer Siraj के लगभग 300 विद्यार्थियों को एक मंच पर एकत्रित कर इस प्रकार का आयोजन करना वास्तव में सराहनीय पहल है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच आपसी भाईचारा बढ़ाने के साथ-साथ हमारी समृद्ध संस्कृति और सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
