शिमला-18 सितंबर. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच में इंजीनियर अंजोरी कपूर द्वारा HIMUDA के CEO पद से संबंधित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। न्यायालय के आदेश के बाद अंजोरी कपूर को HIMUDA के CEO पद की जिम्मेदारी दिए जाने का रास्ता साफ हुआ है।
न्यायालय ने वरिष्ठता और निर्धारित सेवा नियमों को महत्वपूर्ण मानते हुए यह स्पष्ट किया कि नियमों के विपरीत वरिष्ठ अधिकारी को सुपरसीड करके नियुक्ति नहीं की जा सकती।मामले में सुरिंदर वशिष्ठ की CEO पद पर नियुक्ति को लेकर उठे सवालों के बीच न्यायालय का यह फैसला उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अंतरिम राहत के तहत फिलहाल उन्हें Chief Engineer-cum-Advisor की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है, जबकि परिस्थितियों के अनुसार उनके Superintending Engineer पद पर वापस जाने का प्रश्न भी उत्पन्न हो सकता है।
यह फैसला सरकारी नियुक्तियों में वरिष्ठता, कैडर व्यवस्था और Recruitment & Promotion Rules के पालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियमों से ऊपर कोई नहीं—हाईकोर्ट के फैसले ने वरिष्ठता और सेवा नियमों की अहमियत को फिर स्पष्ट किया है।
