शिमला-04 अगस्त. शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में हरियाणा के अंबाला निवासी 22 वर्षीय विजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह प्रदेश में वर्ष 2026 की अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी है।
पुलिस के अनुसार तीन अगस्त को स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि बाहरी राज्य से एक तस्कर बड़ी मात्रा में हेरोइन लेकर शिमला पहुंच रहा है। सूचना के आधार पर शोघी के पास नाकाबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 किलो 120 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी यह खेप शिमला में अपने संपर्कों तक पहुंचाने आया था और तारा देवी क्षेत्र में इसकी डिलीवरी की तैयारी थी। इससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच का फोकस केवल आरोपी तक सीमित न रहकर पूरे अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क, उसके बैकवर्ड लिंकेज, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने पर रहेगा।
शिमला पुलिस का कहना है कि वर्ष 2026 में नशे के खिलाफ रणनीति बदली गई है। अब केवल अधिक मामले दर्ज करने के बजाय बड़े सप्लायरों तक पहुंचने, बड़ी खेप पकड़ने, तकनीकी और वित्तीय जांच तथा पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। आदतन तस्करों के खिलाफ PIT-NDPS Act के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
इसी रणनीति के तहत मार्च में एक करोड़ रुपये मूल्य के 562 एलएसडी स्टैम्प, अप्रैल में करीब 11.5 किलोग्राम अफीम, मई में 309 ग्राम हेरोइन, जून में 131 ग्राम हेरोइन व 27 ग्राम आईस तथा जुलाई में 242 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इन मामलों में कई अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ और मुख्य सप्लायरों तक पुलिस पहुंची।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिला शिमला में 4 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 14 किलोग्राम अफीम, 15 किलोग्राम चरस, 5 किलोग्राम से अधिक पोस्त, 11.6 ग्राम एलएसडी, करीब 60 ग्राम मेथामफेटामाइन (आईस) तथा 10 लाख से अधिक अवैध भांग के पौधे बरामद या नष्ट किए जा चुके हैं। पुलिस का दावा है कि इस साल की हेरोइन बरामदगी पिछले दो वर्षों की कुल बरामदगी से लगभग चार गुना अधिक है।
